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महिलाओं में गुदा सुख और ऑर्गेज्म से जुड़े सवाल अक्सर भ्रांतियों और शर्म के घेरे में रहते हैं, लेकिन विज्ञान इसकी जटिलता को उजागर करता है। यह लेख बताता है कि आकृति, तंत्रिका तंत्र और नए सर्वेक्षणों के आधार पर गुदा उत्तेजना कुछ महिलाओं में उत्तेजना और ऑर्गेज्म को कैसे बढ़ा सकती है, खासतौर से जब इसे योनि या भग्नाशक स्पर्श के साथ जोड़ा जाए। जानें कि कौन-कौन सी तकनीकें पसंद की जाती हैं और क्यों सहमति, संवाद व आराम सबसे ज्यादा मायने रखते हैं।
महिला गुदा ऑर्गेज़्म वह स्थिति है जब गुदा क्षेत्र की उत्तेजना से ऑर्गेज़्म महसूस होता है, चाहे वह बाहरी स्पर्श हो, हल्का प्रवेश हो या गहरी उत्तेजना हो। आमतौर पर यह सुख अकेला नहीं होता—गुदा, योनि और भगोष्ठ क्षेत्र के नसों और संयोजित ऊतकों की वजह से अक्सर यह क्लिटोरल या वेजाइनल उत्तेजना के साथ मिलकर उत्तेजना को कई गुना बढ़ा देता है। कुछ महिलाएँ इसे एक तीव्र, पूरे शरीर में फैला हुआ सुख बताती हैं।
अनुसंधानों के मुताबिक, गुदा संभोग के दौरान अधिकांश ऑर्गेज़्म कई तरह की उत्तेजनाओं के मिश्रण से आते हैं। यानी, गुदा स्पर्श आनंद के व्यापक अनुभव का एक हिस्सा है, न कि अकेला मार्ग।
गुदा और मलाशय में बड़ी संख्या में संवेदनशील तंत्रिका सिरे होते हैं, खासकर गुदा स्फिंक्टर और आसपास की त्वचा में। यह क्षेत्र मुख्यतः प्युदेंडल व अन्य पेल्विक नसों से जुड़ा होता है, जो योनि एवं भगोष्ठ क्षेत्र को भी सेवाएँ देती हैं। इन नसों के मार्ग रीड की हड्डी और मस्तिष्क में मिलते हैं, जिससे एक क्षेत्र की उत्तेजना दूसरे क्षेत्र की अनुभूति को प्रभावित कर सकती है।
गुदा के नजदीक भग स्थान और योनि भी मौजूद हैं—इनके बीच का पेरिनियल स्पॉन्ज़ उत्तेजना के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से संवेदित हो सकता है। पेल्विक फ्लोर मांसपेशियाँ भी इन क्षेत्रों के तनाव और सिहरन को जोड़ती हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वेक्षणों ने महिलाओं के बीच तीन प्रमुख गुदा आनंद तकनीकें बताई हैं:
1. गुदा सरफेसिंग: केवल गुदा और आसपास स्पर्श, कोई प्रवेश नहीं—करीब 40% महिलाओं ने इसे सुखद माना।
2. गुदा शैलोविंग: गुदा के भीतर हल्की, उथली प्रविष्टि—लगभग 35% को अच्छा लगा।
3. गुदा पेयरिंग: गुदा का स्पर्श और अन्य क्षेत्र (जैसे भगोष्ठ या योनि) का साथ में उत्तेजन—लगभग 40% को जोड़कर मजा मिला, और हर छह में से एक ने ऑर्गेज़्म में आसानी महसूस की।
इशारा है कि ज़्यादातर महिलाएँ गुदा स्पर्श को मुख्य आनंद नहीं बल्कि पूरक उत्तेजना के रूप में पसंद करती हैं।
अनुसंधान बताता है कि जैसे जैसे मलाशय में दबाव बढ़ता है, मस्तिष्क के वह क्षेत्र अधिक सक्रिय होते हैं जो सुख, भावना और इंटरोसेप्शन से जुड़े हैं। स्त्रियाँ पुरुषों के मुकाबले एक ही स्टिम्यूलस पर ज़्यादा मस्तिष्कीय क्रिया दिखाती हैं। spinal cord इमेजिंग दर्शाती है कि सेक्सुअल उत्तेजना के दौरान गुदा, योनि और भगोष्ठ सभी के संकेत मिलकर काम करते हैं।
गुदा आनंद तब बेहतर महसूस होता है जब यह सहमति से, धीरे-धीरे, अन्य क्षेत्र की उत्तेजना के साथ और पूरी रिलैक्सेशन में किया जाए। दर्द या जलन होने पर तुरंत रोकें और संचार जारी रखें। हर महिला की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया भिन्न होती है—वैज्ञानिक दृष्टि से सबसे अच्छा तरीका है धीरे-धीरे और सुरक्षित वातावरण में खुद को तलाशना।
1. Herbenick D. et al. “Women’s techniques for pleasure from anal touch: A U.S. probability sample study.” PLOS ONE, 2022.
2. Hobday D. et al. “Gender differences in cortical representation of rectal distension.” American Journal of Physiology, 2001.
3. Alexander A. et al. “Altered spinal cord activity during sexual stimulation in women.” Spinal Cord Series and Cases, 2017.
4. मिश्रित यौन गतिविधियों और गुदा संबंधी आनंद के अनुभवों पर कई सर्वेक्षण और लेख।
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